मोतिहारी।
त्रुटिपूर्ण जमाबंदी के शिकायत का हुआ निवारण,परिवाद सं0-502310302052502454
परिवादी श्री वसी अख्तर
बनाम अंचलाधिकारी, बंजरिया।
“बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम-2015 आज राज्य में जन शिकायतों के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम बन चूका है। इस अधिनियम के तहत सरकार द्वारा प्रत्येक नागरिको को अपनी समस्या बिना किसी बिचौलिए के एक निर्धारित समय सीमा के भीतर हल कराने का वैधानिक अधिकार प्रदान किया गया है।
इसी कड़ी में पूर्वी चम्पारण, (मोतिहारी) जिले के ग्राम सुगौली गांव, पो०-सुगौली, प्रखण्ड-सुगौली निवासी वसी अख्तर, ने ऋटिपूर्ण जमाबंदी में सुधार को लेकर एक शिकायत दिनांक-02 मई 2025 को अनुमण्डलीय लोक शिकायत निवारण (PGRO) कार्यालय के काउंटर पर दर्ज करायी थी। शिकायत संख्या-502310302052502454 के अंतर्गत उन्होने यह आरोप लगाया था कि उनका जमाबंदी न0-114, मे खतियानी रैयत खाता-91 के रैयत मंगनी मियां वल्द जुटन मियां के नाम खाता, खेसरा, रकवा ऑनलाईन डाटा में इन्ट्री कर दिया गया है एवं खाता-91, खेसरा-461, 276, 128 गलत ढंग से खाता-114 में जोड़ा गया है।
शिकायत को प्राप्त करने के उपरांत इसे अनुमण्डलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, मोतिहारी सदर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। त्वरित संज्ञान लेते हुए अंचलाधिकारी, बंजरिया को जांच हेतु निर्देश दिया गया और निर्धारित समयावधि के भीतर शिकायत का निवारण किया गया।
यह समाधान बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम-2015 की प्रभावशीलता और पारदर्शी शासन के प्रति सरकार की प्रतिवद्धता का प्रतीक है। हर नागरिक को सुशासन के अन्तर्गत अपनी समस्या का समाधान समय पर मिलना सुनिश्चित किया जा रहा है। विदित हो कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम-2015 नागरिको को यह अधिकार प्रदान करता है कि वे सरकारी सेवाओं में आई समस्याओं की शिकायत कर सके और तय समय-सीमा में उनका समाधान पा सके। अनुमण्डलीय लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनयम राज्य “न्याय आपके द्वारा की अवधारणा” को साकार कर रहा है।




Total Users : 16134
Views Last 30 days : 2380
Views This Month : 1439