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February 17, 2026 10:57 am

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नेपाल-इंडिया क्रॉस बॉर्डर मीडिया कॉन्क्लेव 2025 का किया गया आयोजन

नेपाल-इंडिया क्रॉस बॉर्डर मीडिया कॉन्क्लेव 2025 का किया गया आयोजन, पत्रकारों ने किया सीमा पार सद्भाव का आह्वान

(नेपाल)।

वीरगंज में भारत-नेपाल पत्रकार संगठन “मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी” के बैनर तले नेपाल-इंडिया क्रॉस बॉर्डर मीडिया कॉन्क्लेव-2025 का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में नेपाल और भारत के सैकड़ों पत्रकारों ने शिरकत की। भारत से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कई वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए, वहीं नेपाल के विभिन्न प्रांतों से भी बड़ी संख्या में पत्रकार पहुंचे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नेपाल सरकार के कैबिनेट मंत्री अजय कुमार चौरसिया ने कहा कि “भारत और नेपाल के बीच बेटी-रोटी का अटूट संबंध है, जिसे कोई भी तोड़ नहीं सकता। दोनों देशों के बीच खुला बॉर्डर पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श मॉडल है। विश्व में ऐसा संबंध भारत और नेपाल को छोड़कर किसी और देश में नहीं देखने को मिलता।”
कॉनक्लेव में वक्ताओं ने मीडिया की भूमिका को सीमा पार भाईचारे और आपसी सद्भाव को मजबूत करने में अहम बताया। साथ ही यह भी कहा गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों की समस्याओं व संभावनाओं को रचनात्मक पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाना, भारत-नेपाल रिश्तों को और गहराई देगा।

सभा को स्थानीय प्रदेश सांसद श्याम पटेल, राष्ट्रीय समाचार समिति नेपाल सरकार के अध्यक्ष धर्मेंद्र झा, दूरदर्शन केंद्र पटना के वरिष्ठ पत्रकार विवेक चंद, नैनीताल उत्तराखंड से टाइम्स ऑफ इंडिया की पत्रकार सोनाली मिश्र, देहरादून, उत्तराखंड से अमर उजाला के पत्रकार करण जी, प्रेस काउंसिल नेपाल की सदस्य रिंकू झा, नेपाल के पूर्व राजदूत विजयकांत कर्ण, प्रतीक दैनिक के संपादक जगदीश शर्मा, पत्रकार महासंघ नेपाल के अध्यक्ष अशोक तिवारी आदि ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी नेपाल के अध्यक्ष अनिल तिवारी, विषय प्रवेश एवं धन्यवाद ज्ञापन मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के संस्थापक अमरेंद्र तिवारी ने और मंच संचालन मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी नेपाल के राष्ट्रीय महासचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार रितेश त्रिपाठी ने किया।

नेपाल के वीरगंज में आयोजित नेपाल-इंडिया क्रॉस बॉर्डर मीडिया कॉनक्लेव 2025 को संबोधित करते हुए नेपाल सरकार के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रदीप यादव ने कहा कि “भारत में शायद ही कोई बड़ी या छोटी घटना घटती हो जिसमें नेपाली नागरिक प्रभावित न हों। इसका प्रमुख कारण यह है कि बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक भारत में रहते हैं। कोई रोजगार के लिए, कोई व्यवसाय के लिए तो कोई शिक्षा के लिए। यही सदियों से दोनों देशों के बीच अटूट रिश्ते का आधार है।

Khabare Abtak
Author: Khabare Abtak

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