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July 16, 2024 2:31 pm

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कालाजार उन्मूलन की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है पूर्वी चम्पारण

कालाजार उन्मूलन की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है पूर्वी चम्पारणघो,ड़ासहन, अरेराज, पताहीं, रामगढ़वा प्रखंड में पिछले 3 वर्षों से नहीं मिले कालाजार के मरीज

मोतिहारी।

जिले के घोड़ासहन, अरेराज, पताहीं और रामगढ़वा प्रखंड में पिछले 03 वर्षों से नहीं कालाजार के एक भी मरीज नहीं मिले है। इसके अलावे वर्ष 2024 में मई माह तक जिले में मात्र 6 कालाजार एवं 2 पीकेडीएल के मरीज मिले हैं। उक्त आंकड़ा इस अभियान पर बल देता है कि 27 प्रखंडों वाला जिला पूर्वी चम्पारण से कालाजार बीमारी का उन्मूलन काफी तेजी से हो रहा है। इस संबंध में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरत चंद्र शर्मा ने कहा कि इस वर्ष 23 प्रखंडों में ही सिंथेटिक पाराथराईड दवा की छिड़काव 05 जून से 16 अगस्त तक से अगले 60 दिनों तक कार्य दिवस तक किया जाएगा। ताकि बालू मक्खियों का समूल नष्ट हो सकें। भीडीसीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि 113 राजस्व गांवों,110 पंचायतों व 182888 घरों में कुल 912867 जनसंख्या वाले इलाकों में दवा की छिड़काव होना है। उन्होंने बताया कि कुल छिड़काव दल 50 हैं। जिन्हें छिड़काव हेतु प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

राज्य मे पूर्वी चम्पारण जिला कालाजार के मरीजों के इलाज व जागरूकता में काफी अग्रणी साबित हो रहा है। यहां पिछले 4 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार कालाजार के मामलों में काफी कमी आ रही है। वर्तमान में इस जिले में 75 प्रतिशत तक मरीजों के मामलों में कमी आ चुकी है।वर्ष 2018-196, 2019- 119, 2020- 69, 2021-67, 2022-67,2023-26,2024-06 भीएल(कालाजार)के मरीज प्रतिवेदित हुए है।पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य विभाग के अथक प्रयास व जागरूकता के कारण जिले में कालाजार के मरीजों की संख्या काफी कम हो गई है।

वीडीसीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कालाजार के मरीजों का फॉलोअप जांच 1 माह, 6 माह एवं 12 माह पर की जाती एवं रिपोर्ट को पुनः कामिश वेब पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। जिसकी निगरानी जिला स्तर के पदाधिकारियों द्वारा की जाती है।
पूर्वी चंपारण के 27 प्रखंडों में कालाजार के मरीजों की जांच व इलाज की सुविधाएं उपलब्ध है।कालाजार से बचाव को लेकर जागरूकता के लिए प्रचार रथ, माइकिंग कराया जाता है, ताकि लोग कालाजार से बचाव को लेकर सरकार के संदेश जान सकें।

राज्य व केंद्र सरकार के द्वारा कालाजार के मरीजों के आर्थिक सहायता हेतु 66 सौ रुपए दी जाती है। वहीं भारत सरकार द्वारा ₹500 अलग से दी जाती है। उन्हें कुल 7100 रुपयों की आर्थिक सहायता दी जाती है। कालाजार होने पर व्यक्ति को 2 हफ़्तों से ज्यादा बुखार , तिल्ली का बढ़ जाना, भूख नहीं लगना, वजन में कमी, चमड़े पर दाग होना तथा खून की कमी बड़ी तेजी से होने लगती है।

Khabare Abtak
Author: Khabare Abtak

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