मोतिहारी
सुगौली सिकरहना नदी के जल स्तर में वृद्धि होने लगी है। जिससे सिकरहना नदी के तट के समीप अवस्थित लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। सिकरहना नदी के जलस्तर के बढ़ने के साथ हीं निमुई, अमीर खां टोला, डुमरी टोला, लाल परसा, भवानीपुर कैथवलिया आदि कई गांव के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। अगर इसी तरह कुछ दिन सिकरहना नदी में पानी बढ़ती गई तो बाढ़ का आना संभव दिखता है। बढ़ती पानी को देख नगर के अमीर खां टोला कर्बला के समीप के लोगों में चिंता बढ़ने लगी है। साथ हीं जर्जर बांध के कारण लोगों में आक्रोश भी है।
स्थानीय रविंद्र राय ग्रामीण, अब्दुल रहीम, मुश्लिम मियांं आदि ने ग्रामीणों ने बताया कि समय पर बांध की मरम्मती नहीं होने से हर वर्ष आने वाली बाढ़ में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। एनएच पर तम्बू लगाकर समय काटना पड़ता है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए बताया कि सिकरहना नदी में बढ़ती पानी को देख डर लगने लगा है। स्थानीय नगर पार्षद प्रतिनिधि मो. बबलू ने बताया कि सिकरहना नदी के समीप अमीर खा टोला अवस्थित है। जहां हर बाढ़ में यहां के लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। वावजूद भी समुचित बांध का मरम्मत नहीं हो पाता है।
वहीं बिते कई वर्ष के बाढ़ में प्रखंड के लालपरसा धुमनी टोला के ध्वस्त बांध के निर्माण नहीं होने से स्थानीय ग्रामीणों में चिंता व आक्रोश व्यक्त है। विभाग व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से लोगों में नाराजगी बनी हुई है। जहां पांच सालों में 50 फीट से लेकर 1500 फीट से अधिक बांध ध्वस्त हो गया है। जिससे फिर एक बार बाढ़ आने का डर व चिंता सता रही है। धूमनी टोला के ध्वस्त बांध द्वारा पानी की तेज धार लालपरसा, चीलझपटी आदि गांव को प्रभावित करते हुए सुकुलपाकड़ पंचायत सहित अगल बगल के कई पंचायतों को प्रभावित करती है। स्थानीय रविन्द्र सहनी, अमरकिशोर पटेल, अरविंद कुमार आदि ने कहा कि विभागीय उदासीनता से धूमनी टोला के समीप ध्वस्त बांध का निर्माण अबति नहीं किया जा सका। अगर बाढ़ पूर्व बांध नहीं बना तो इस वर्ष भी बाढ़ से भारी क्षति होगा। वावजूद भी सरकार व प्रशासन कोई ठोस कदम नही उठा रही है।




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