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April 20, 2026 7:39 pm

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कई प्रकार के पेड पौधे हो रहे विलुप्त, पर्यावरण पर पर रहा इसका असर

विश्व पर्यावरण दिवस पर खास-

मोतिहारी।

क्षेत्र में कई प्रकार के पेड पौधे विलुप्त होते जा रहे है। जिससे लोगों की परेशानी के साथ साथ पर्यावरण पर भी इसका बुरा असर पड रहा है। मुख्य रूप से शीशम का पेड विलुप्ति की कगार पर है। जहां पूर्व में खेत व खेतों की बांध, सड़कों के किनारों, नहरों के तट सहित लगभग सभी जगहों पर शीशम के हरे-भरे पेड़ दिखाई देते थे। मगर अब ऐसा नहीं रहा। जो गंभीर चिंता का विषय है। ऐसा माना जाता है शीशम बहुपयोगी वृक्ष है। इसकी लकड़ी, पत्तियां, जड़ें सभी काम में आती हैं। लकड़ियों से फर्नीचर बनता है। पत्तियां पशुओं के लिए प्रोटिन युक्त चारा होती हैं। जड़ें जमीन को अधिक उपजाऊ बनाती हैं। पत्तियां और शाखाएं बारिश-जल की बूंदों को धीरे-धीरे जमीन पर गिराकर भू-जल भंडार बढ़ाती हैं। इसके साथ हीं शिशम के झांकी जलावन के रूप में काम आते थे। आज शीशम का पेड नही होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पडती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पौधों की कई प्रजातियां या तो पूरी तरह विलुप्त हो चुकी हैं या फिर विलुप्त होने के कगार पर है। आज कई ऐसे पेड़ ढूंढे नहीं मिल रहे जो अब से एक दशक पहले तक दिखाई दे रहे थे। धीरे-धीरे कम हो रहे पेड़-पौधों की इन प्रजातियों का संरक्षण करने के लिए विभाग नए सिरे से तैयारी करने की जरूरत है। डेढ दसक पूर्व बरगद, पकडी, कदम, बैर, करअईनी, खैरा, शीशम जैसे हरे-भरे पेड़ काफी संख्या में देखने को मिलता था। जो आज नागण्य है। विलुप्त हो रही पेड पौधे की कई प्रजातियां ऐसी है जो पर्यावरण की दृष्टिकोण से काफी मायने रखती हैं। बुजुर्गों की माने तो पुराने कुछ पौधे न होने की वजह से कई पक्षियों के बसेरों को अन्य जगह तलाशनी पड़ रही है। इसके अलावा ये पेड़ भी पीपल की तरह ही बड़ी मात्रा में आक्सीजन का स्त्रोत हैं। जिनसे आबोहवा संतुलित रहती है। वहीं कदम का पेड जल स्रोत के लिए अनुकूल है। आज इसके अभाव में जल स्रोत भी प्रभावित है। हालांकि कि हाल के दिनों में मनरेगा द्वारा कुछ जगहों पर कदम का पेड लगाया है।

पेड़ों का हमारे जीवन के लिए बहुत बडा महत्व हैं। ऐसा कहा जाता है पेड़ों से ही हमारा जीवन है। पेड़ नहीं तो हम भी नहीं। पेड़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से हमारी जरूरतों को पूरा करते हैं। हमें जीने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है ऑक्सीजन जो हमें पेड़-पौधों से ही मिलता है। जब हम सांस लेते है तो कार्बन डायऑक्साइड बाहर निकालते है तो यह कार्बन डायऑक्साइड पेड़ शोषित कर लेते है और हमारे जीवन के लिए जरूरी ऑक्सीजन हमें पेड़ प्रदान करते हैं। इसके अलावा पेड़ वर्षा लाने में तथा बाढ़ रोकने में भी सहायक होते हैं। पेड़ों से प्रदूषण रोकने में भी मदद मिलती है। पेड़-पौधों के पत्तियों से हमें अच्छी खाद उपलब्ध होती है। गर्मी में छाया तथा ठंडी हवा पेड़ प्रदान करते हैं। पेड़ों से हमें जीवन में उपयोगी कई तरह के पदार्थ मिलते है। पेड़ हमारे लिए अमूल्य धरोहर है।इस बाबत सुगौली के पीओ सतीश कुमार ने बताया कि सरकार वृक्षारोपण के लिए कटीबद्ध है।

Khabare Abtak
Author: Khabare Abtak

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