मोतिहारी।
सुगौली नगर के पवरिया टोला स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय उर्दू में भावुक दृश्य देखने को मिला। जहां विद्यालय के प्रधानाध्यापक मधुरेंद्र कुमार की विदाई पर छात्र और अभिभावक रो पड़े। मधुरेंद्र कुमार पिछले 11 वर्षों से इस विद्यालय में पढ़ा रहे थे। उनकी विदाई के लिए विद्यालय में समारोह हुआ। समारोह में शिक्षक और छात्रों के बीच का गहरा रिश्ता साफ नजर आया।
मधुरेंद्र कुमार ने हमेशा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम किया। उन्होंने स्कूली शिक्षा के साथ कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी छात्रों की मदद की। विदाई के समय छात्र लगातार रोते रहे। वे प्रधानाध्यापक को जाने से रोकते रहे। अभिभावक भी भावुक हो गए। वे मधुरेंद्र कुमार से इसी विद्यालय में लौटने की गुजारिश करते रहे।
जब प्रधानाध्यापक विद्यालय से निकलने लगे तो छात्र उनका हाथ पकड़कर रोने लगे। ऐसा लग रहा था जैसे कोई अपना दूर जा रहा हो। सभी छात्र फूट-फूट कर रो रहे थे। जब वे गाड़ी पर बैठे, तब भी छात्र उनका हाथ नहीं छोड़ रहे थे। बच्चों का लगाव देख प्रधानाध्यापक खुद भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। मौके पर उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर विदाई दी गई। शिक्षक, छात्र और अभिभावकों ने उनके सुखद जीवन और अच्छे कार्यों के लिए दुआ की। छात्रों ने उन पर फूल भी बरसाए।
मधुरेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षक का दर्जा माता-पिता से भी ऊपर होता है। शिक्षक बच्चों के भविष्य को संवारते हैं। इसी वजह से शिक्षक और छात्र के बीच एक अनमोल रिश्ता बन जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्र को स्कूल से लेकर करियर की ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करता है। जब छात्र सफलता पाता है, तो शिक्षक को गर्व होता है। बीस सूत्री सदस्य मोहम्मद शाबीर ने बच्चों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बच्चे अनुशासन में रहकर आगे बढ़ें और विद्यालय का नाम रोशन करें।


