मोतिहारी।
जिले के गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के उद्देश्य से मोतिहारी के सदर अस्पताल कैंपस में 20 बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की शुरुआत 13 मार्च क़ो 2025 क़ो की गईं है। मार्च माह में 09, अप्रैल 07, मई,16,जून 11 अब तक कुल 43 कुपोषित बच्चों क़ो ईलाज कर स्वस्थ किया जा चुका है।इस सम्बन्ध में सदर अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक कौशल दुबे ने कहा की यहाँ जिले भर के कुपोषित बच्चों के निःशुल्क भोजन,दवा इलाज के साथ उसके माँ को पोषण पुनर्वास केंद्र में रहने वाले बच्चों के साथ मां पूरे दिन का भोजन निशुल्क रूप से जीविका दीदी की रसोई से उपलब्ध कराया जाता है। रहने खाने की व्यवस्था के साथ ही प्रतिदिन 100 रूपये दैनिक भत्ता दी जाती है, वहीं आशा कर्मियों को पोषण पुनर्वास केंद्र में प्रति अतिकुपोषित बच्चों को रेफर करने पर प्रोत्साहन राशि के रूप में कुल 250 रु अश्विन पोर्टल के माध्यम से दी जाती है।
एनआरसी के नोडल डॉ मनीष कुमार ने बताया की आरबीएसके के डॉ के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों,या स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज हेतु आने वाले बच्चों एवं आशा के द्वारा घर जाकर कमजोर,कुपोषित बच्चों की पहचान की जाती है, उन्हें सुपोषित करने के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाता है। ऐसे बच्चों की पहचान के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। इनमें आईसीडीएस से सहयोग लिया जाता है। विभाग इन बच्चों को इलाज के साथ-साथ बेहतर पौष्टिक आहार भी दिया जाता है। कुपोषित बच्चों को एनआरसी में रखकर इलाज व उनके लिए स्पेशल डाइट तैयार की जाती है। जिसमें सही मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज तत्व युक्त भोजन दिए जाते हैं। बच्चे मुख्यतः शिशु रोग विशेषज्ञ की देखरेख में रहते हैं।
प्रबंधक कौशल दुबे ने बताया की गजानंद शर्मा के द्वारा फिल्ड से कुपोषित बच्चों को चिन्हित करके लाया जाता हैं अब तक रक्सौल, सुगौली, मधुबनिघाट,पिपराकोठी, चकिया, कोटवा के बच्चों को चिन्हित किया गया है।क्लीफ़्ट पैलेट के बच्ची आरोही कुमारी, खैरी जमुनिआ, प्रखंड चकीया की थीं,30/5/25 क़ो भर्ती हुई तब उसका वजन 3.500 ग्राम था, 19/6/25 क़ो ईलाज के बाद उसका वजन 4.340 ग्राम हुआ, इसके पिता क़ो संतुलित आहार देने की बातें बताई गईं।




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