मोतिहारी।
महिला एवं बाल विकास निगम जिला प्रशासन पूर्वी चंपारण के तत्वाधान में बेटी बचाओ बेटी बचाव कार्यक्रम के तहत मेहसी प्रखंड के प्रखंड प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय परिसर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बालिकाओं के बीच बाल विवाह,जीवन कौशल को लेकर उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 और इसके कानूनी प्रावधान को बताया गया जिसमें जो भी बाल विवाह में शामिल होंगे सभी पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी इससके तहत दो वर्षों का कारावास और एक लाख जुर्माना की बात कही गई है। इस अवसर पर बाल विवाह के दुष्परिणामों को भी बताया गया जिसमें खेलने कूदने और पढ़ने की उम्र में होने वाली शादियों में दोनों पक्षों में आपसी समझ की कमी होती है। चूंकि बच्चों में सोचने समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता का विकास नहीं हो पता है, इससे घरेलू झगड़े, मारपीट, पारिवारिक कलह और यौन उत्पीड़न जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है। कम उम्र में विवाह होने से बच्चों की शिक्षा बाधित होती है जिससे वह अनपढ़ और अकुशल रह जाते हैं। इससे उन्हें अच्छे रोजगार पाने और बड़े होने पर आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का अवसर नहीं मिल पाता है।
साथ ही दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धाराओं के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। जीवन कौशल के लिए बाल अधिकारों की अवधारणा, इच्छा, आवश्यकता तथा अधिकारों के बीच अंतर की पहचान कराई गई। वहीं बाल अधिकारों की परिभाषा, बाल अधिकारों को समझना, बाल अधिकारों के स्तंभ के साथ-साथ बच्चों के लिए अलग से अधिकारों की जरूरत क्यों पड़ी इसके बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। इस जागरूकता बैठक में माहवारी स्वच्छता और एनीमिया के संदर्भ में उन्मुखीकरण किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम के जिला मिशन समन्वयक निधि कुमारी,महिला एवं बाल विकास निगम समाज कल्याण विभाग यूनिसेफ के सहयोग से बाल रक्षा भारत से द चिल्ड्रेन द्वारा संचालित उड़ान परियोजना के जिला समन्वयक हामिद रजा,वार्डेन अकबरी खातून सहित बड़ी संख्या में बालिकाएं मौजूद थी।



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