मोतिहारी।
सुगौली प्रखंड के सुगांव सहित अन्य क्षेत्रों में वीएलई सह स्वयंसेवक अवधेश कुमार गुप्ता के द्वारा किसान मजदूरों के बिच वज्रपात आपदा से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। किसान मजदूरों को जागरूक करते हुए उनहोने कहा कि वज्रपात के प्रति जागरूकता से ही लोगों की जान बच सकती हैं। वज्रपात पर काबू पाना मुमकिन नही है, क्योंकि ये मौसम गतिविधियों के चलते बनती व गिरती है। उन्होंने बताया कि आकाश से गिरनेवाली बिजली पर हम सब का कंट्रोल नही है, लेकिन उससे जान बचाना हमसब के हाथ मे है। उन्होंने कहा कि अभी धान की रोपनी का सीजन चल रहा है। ग्रामीण किसान अपनी खेतों में धान का बिचड़ा लगाने तथा पशुपालक अपनी पशुओं के लिए पशु चारा लाने के लिए दूर दराज क्षेत्रों में जाते हैं। जहां पर खेत, नदी, तालाब के अलावा, कोई मकान नजर नहीं आता है। इसी समय आंधी तूफान, तेज बिजली कड़क के साथ बारिश आने पर तथा बिजली गिरने से किसान, पशुपालक किसी अनहोनी के शिकार बन जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सरेह में मकान नही होने के कारण बारिश होने पर किसान, अकसर पेड़ पौधों, बिजली के खंभे के पास शरण ले लेते हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित होता हैं। उन्होंने कहा कि अगर आसमान में बिजली कड़क रही हो और आप घर से बाहर हो, तो सबसे पहले आप सुरक्षित व मजबूत छत वाली जगह तक पहुंचने का प्रयास करें। हरे पेड़ो, बिजली के खंभो, मोबाईल टॉवर, नदी, तालाब, इत्यादि से दूर रहे। अगर आसमान के नीचे है तो अपने हाथों को कानों पर रख ले ताकि बिजली की तेज आवाज से कान के पर्दे न फट जाए। साथ ही अपनी दोनों एड़ियो को जोड़कर जमीन पर उड़कू बैठ जाए। तेज बारिश व बिजली कड़क के समय घर से बाहर ना निकले। घर से निकलने के पूर्व मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देश पालन करें। उन्होंने बताया कि अगर को व्यक्ति वज्रपात का शिकार बन गया हो तो, तत्काल इसकी सूचना अपने सीओ , थानाध्यक्ष व बीडीओ को दे ताकि उन्हें उचित मुवावजा राशि एवं सहयोग मिल सके।
मौके पर समाजसेवी रामप्रीत प्रसाद, असरफि राउत, लोचन पासवान, भुलान साह, नागेंद्र शर्मा, देव कुमार साह, छबिला कुशवाहाँ, अनिल साह, सुनील साह, अफरोज मियां, जयचंद ठाकुर, हुसैन मियां, ध्रुप साह, मधु नट, संत साह सहित अन्य उपस्थित थे।


