मोतिहारी।
पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली में लालपरसा दक्षिणी टोला गांव के समीप सिकरहना नदी के तट पर अवस्थित आधा दर्जन घर पर खतरा दिख रहा है। जहां पूर्व में हुई कटाव स्थल पर कटावरोधी कार्य नहीं किया गया है। इसके पूर्व नदी कटाव करते करते कुछ घर के करीब पहुंच गई है। जिससे हमेशा घर वाले दहशत के साये में रहते है। जबकि विते वर्ष सुमन पटेल के घर का आधा हिस्सा नदी में समाहित हो गया। वही ढोड़ाई पटेल के घर से महज दो फीट नदी है। पीड़ित कृपा देवी ने बताया कि बिते वर्ष घर का आधा हिस्सा नदी काट लिया।पर कोई यहां काम नहीं हुआ। इस बार बाढ़ आई तो हमलोगों का यह बचाखुचा घर नदी में समा जाएगा। कहीं दुसरा जमीन नहीं है, कि दुसरे जगह घर बनेगा। पूर्व में व चापाकल व आंगन विते वर्ष नदी में समा गया। अगर इस वर्ष यहां मरम्मती नहीं हुआ तो बचा खुचा घर चला जाएगा। यहां मुखिया, सरपंच, विधायक भी सुधि नहीं ले रहे है। अभी तक कोई यहां देखने नहीं आया है। कैसे मेरा घर बचेगा।
स्थानीय ढोड़ाई पटेल ने बताया कि घर से महज एक फीट नदी है। अगर सही मरम्मत नहीं हुआ तो इस वर्ष मेरा घर नदी में समाहित हो जाएगा। बाकी बहुत सारी जमीन नदी काट लिया। मेरे पास इसके अलावे कोई जमीन नही है। अबतक यहां समुचित कटावरोधी कार्य नहीं होने से आक्रोशित लोगों ने सरकार से मांग करते हुए अच्छा पायलिंग का काम होने की बात कही। ग्रामीणों ने बताया कि हमेशा यहां कटाव होता है और बालू भरे बोरे रखे जाते है, जो कुछ दिनों बाद नुकसान हो जाता है। कटाव स्थल के पास कुछ बोरा बालू भर के रखा गया था। जो पानी के दबाव में बह गया है। डर है कि इस बार कटाव में कहीं हमलोगों का आशियाना न उजड़ जाये। यह कटाव हर साल होता है। अधिकारी लोग आते है,थोड़ बहुत काम होता है। स्थिती ज्यों की त्यों रह जाती है।


