मोतिहारी।
उद्योग विभाग द्वारा संचालित सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में बैंकर्स बेहिचक आगे आएं और लोगों के साथ सपोर्टिंग व्यवहार अपनाते हुए ऋण की स्वीकृति प्रदान करें ताकि रोजगार सृजन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उद्योग विभाग के पदाधिकारी एवं जिला के सभी बैंकर्स के साथ पूर्वी चंपारण समाहरणालय स्थित डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद सभा भवन में समीक्षा बैठक के साथ साथ ऋण वितरण शिविर का आयोजन किया गया जिसमें उप-विकास आयुक्त, पूर्वी चम्पारण/महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र पूर्वी चंपारण एवं एलडीएम सहित सभी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में उद्योग विभाग की योजनाओं यथा पीएमईजीपी , पीएमएफएमई एवं पीएम विश्वकर्मा योजना की समीक्षा की गई। जिला महाप्रबंधक उद्योग ने बताया कि पीएमईजीपी योजना में इस वित्तीय वर्ष में कुल 76 का लक्ष्य प्राप्त है जिसके विरुद्ध 296 आवेदन विभिन्न बैंको को अग्रसारित किये गये हैं जिसमें विभिन्न बैंको द्वारा 11 आवेदन स्वीकृत किये गये हैं। पीएमएफएमइ योजना में इस वित्तीय वर्ष में कुल 440 के लक्ष्य के विरूद्ध 507 आवेदन विभिन्न बैंको को अग्रसारित किये गये हैं जिसमें विभिन्न बैंको द्वारा 119 आवेदन स्वीकृति दी गई है एवं 36 आवेदको को वितरित किये गये हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना में कुल 4108 आवेदन विभिन्न बैंको को अग्रसारित किये गये हैं, जिसमें विभिन्न बैंको द्वारा 1008 आवेदन स्वीकृति दी गई है एवं 702 आवेदको को वितरित किये गये हैं। इस बैठक में PMEGP योजना के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंको द्वारा स्वीकृत 03 आवेदकों को जिलाधिकारी के द्वारा स्वीकृति पत्र दिया गया।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी द्वारा कहा गया कि बैंको लक्ष्य का मासिक रूप से संगणना करते हुए अपने लक्ष्य को पूर्ण करें। सभी बैंको के प्रतिनिधि को निदेश दिया गया कि जिस बैंक शाखा का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है ,वे सरकार की योजनाओं की उपलब्धियों को प्राथमिकता दें, अन्यथा उन बैंकों से सभी विभागों/कार्यालयों की सरकारी राशि की निकासी कर उन बैंकों में सरकारी खातों को बंद करवा दिया जायेगा।
बैठक में कई बैंक शाखा प्रबंधक/जिला समन्वयक अनुपस्थित रहे, जिस पर जिलाधिकारी के द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई एवं उनसे स्पष्टीकरण पुछने का निदेश दिया गया। कई बैंकर्स के द्वारा बताया गया कि कई मशीन आपूर्तिकर्ता के द्वारा लाभुक के साथ मिलकर मशीन का उलटफेर किया जाता है, जिला पदाधिकारी के द्वारा मशीन आपूर्तिकर्ता का जांच करने का निदेश दिया ….


