मोतिहारी।
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में पकड़ीदयाल अनुमण्डल अन्तर्गत पताही पूर्वी ग्राम पंचायत के पंचायत सरकार भवन में अनुमण्डल स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अपर समाहर्त्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमण्डल पदाधिकारी सहित मधुबन, फेनहारा, पकड़ीदयाल, पताही एवं तेतरिया प्रखण्डों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा में पाया गया कि पाँचों प्रखण्डों में किस्तों के भुगतान के हजारों मामले लंबित हैं। सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने तथा द्वितीय किस्त के बाद भी निर्माण न करने वाले लाभुकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। तृतीय किस्त प्राप्त करने के बाद भी सैकड़ों आवास अपूर्ण पाए गए, जिनके शत-प्रतिशत पूर्णता हेतु सख्त निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना (2018-19 से 2025-26) में पाँचों प्रखंडो की पूर्णता दर 82 से 94 प्रतिशत के बीच पाई गई। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना में भी कुछ आवास अभी लंबित हैं। सभी संबंधित पदाधिकारियों को लाभुकों को प्रेरित कर अविलम्ब सभी लंबित आवासों को पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान श्री जितेन्द्र कुमार, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, मधुबन द्वारा कार्य में गंभीर लापरवाही पाई गई, जिस पर उनका वेतन अगले आदेश तक स्थगित करते हुए स्पष्टीकरण माँगा गया है।
मनरेगा की समीक्षा में कार्य पूर्णता फेनहारा में 78.53%, पकड़ीदयाल में 81.93%, मधुबन में 84.11%, पताही में 86.47% एवं तेतरिया में 93.47% पाई गई। सक्रिय मनरेगा मजदूरों के ई-केवाईसी में सभी प्रखण्डों की स्थिति 82 से 86 प्रतिशत के बीच है — सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर 90 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। जियो टैगिंग के सैकड़ों लंबित मामलों को भी एक सप्ताह में निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। पीएमएवाईजी कन्वर्जेन्स के तहत नरेगा सॉफ्ट एवं पीएमएवाईजी सॉफ्ट पर अंतर को अद्यतन करने के भी निर्देश दिए गए। Annual Action Plan के अन्तर्गत युक्तधारा में सभी प्रखण्डों की प्रगति संतोषजनक पाई गई।
जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं एवं कुओं पर अतिक्रमण के कुल 52 से अधिक मामले लंबित पाए गए। सभी संबंधित अंचल अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सभी जल संरचनाओं को अतिक्रमण-मुक्त कराने का कड़ा निर्देश दिया गया। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत स्वच्छता कर्मियों के भुगतान से संबंधित लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र तत्काल उपलब्ध कराने तथा सभी योजनाओं को जीपीडीपी में अपलोड कराने का निर्देश दिया गया। 10 जुलाई 2026 तक सभी महादलित टोलों में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण पूर्ण करना अनिवार्य किया गया है।


