Explore

Search

April 25, 2026 4:30 am

IAS Coaching

सदर अस्पताल में परिवार नियोजन परामर्श केंद्र का हुआ उद्घाटन

मोतिहारी।

परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा की शुरुआत होने के साथ ही जिले के सदर अस्पताल मोतिहारी में परिवार नियोजन परामर्श केंद्र का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ रविभूषण श्रीवास्तव के द्वारा किया गया। इस मौके पर सिविल सर्जन ने कहा कि परिवार नियोजन के प्रति योग्य दंपतियों को जागरूक करना, परामर्श उपलब्ध करना बढ़ती जनसंख्या पर रोक हेतु बेहद जरूरी है। इन्हीं लाभ को आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सदर अस्पताल में ओपीडी के बाहर भी महिला को बंध्याकरण व पुरुष नसबन्दी के बारे में जानकारी देने हेतु स्टॉल लगाकर परामर्श दिया जा रहा है। परिवार नियोजन के अस्थायी संसाधन जैसे कंडोम, माला, छाया, अंतरा, गर्भनिरोधक दवाएं वितरित की जा रहीं है।

डीसीएम नंदन झा ने कहा कि युवक युवतियों का सही समय पर विवाह होना चाहिए एवं दो बच्चों के बीच तीन साल का अंतर होना जरूरी है इसके लिए जिले की आशा द्वारा लोगों को जागरूक किया जाता है। सास बहू सम्मेलन कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बैनर, पोस्टर, माइकिंग द्वारा लोगों को सही उम्र में शादी, पहले बच्चे में देरी, बच्चों के बीच सही अंतर तथा छोटा परिवार के लाभ के बारे में जागरूक किया जा रहा है।गर्भनिरोधक उपायों को अपनाने हेतु भी परामर्श दिया जा रहा है। सभी 27 प्रखंडो के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर परिवार नियोजन सेवाओं के तहत् प्रदान की जाने वाली सेवा यथा- कॉपर-टी, गर्भनिरोधक सूई/ एमपीए बंध्याकरण एवं नसबंदी की सेवा प्रदान करने पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके सफल संचालन हेतु सांसद, विधायक, पंचायती राज संस्था के सदस्य, शहरी स्थानीय निकाय, स्वास्थ्य कर्मी एवं सिविल सोसायटी के सदस्य के साथ ही प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल मीडिया चैनलों का सहयोग लिया जा रहा है।

इस संबंध में डीएस डॉ विजय कुमार, एसीएमओ गंगाधर तिवारी ने कहा कि सदर अस्पताल के साथ ही जिले सरकारी अस्पतालों में महिला बंध्याकरण व पुरुष नसबन्दी निःशुल्क कराई जाती है। उन्होंने कहा कि महिला बंध्याकरण से पुरुष नसबंदी की प्रक्रिया सरल है। पुरुष नसबंदी को लेकर समाज में कई प्रकार का भ्रम फैला हुआ है। इस भ्रम को तोड़ना होगा। छोटा परिवार सुखी परिवार की अवधारणा को साकार करने के लिए पुरुष को आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाने की जरूरत है। नसबंदी के लिए पुरुष लाभार्थी को 3000 रुपए एवं महिला बंध्याकरण के लिए लाभार्थी को 2000 रुपए की प्रोत्साहन की राशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है।

 

Khabare Abtak
Author: Khabare Abtak

Leave a Comment

लाइव टीवी
विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर
पंचांग
rashifal code
सोना चांदी की कीमत
Marketing Hack4u