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July 24, 2026 2:07 am

IAS Coaching

180 बच्चों को बाल मजदूरी के दलदल से मुक्त कराया गया

मोतिहारी।

​विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर पूर्वी चम्पारण जिले में बाल तस्करी और बाल मजदूरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। जिले में बाल अधिकारों के लिए कार्यरत संस्था प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर ने पुलिस और जिला प्रशासन के साथ मिलकर एक साझा ऑपरेशन चलाकर कुल 180 बच्चों को बाल मजदूरी के दलदल से मुक्त कराया है। हैरानी की बात यह है कि इन मुक्त कराए गए बच्चों में पड़ोसी देश नेपाल के भी 46 बच्चे (28 लड़के और 18 लड़कियां) शामिल हैं। कुल मुक्त कराए गए बच्चों में 94 लड़के और 75 लड़कियां हैं।

​मिली जानकारी के अनुसार, मुक्त कराए गए सभी बच्चों की उम्र 10 से 17 वर्ष के बीच है। ये बच्चे पिछले कई महीनों से विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, ढाबों और फैक्ट्रियों में बेहद अमानवीय और शोषणकारी स्थितियों में काम करने को मजबूर थे। इन बच्चों से दिन-रात खतरनाक माहौल में मामूली पैसों पर काम लिया जा रहा था, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ रहा था।

​’एक्शन मंथ’ के तहत हुई कार्रवाई

​यह पूरी कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा जून महीने को बाल मजदूरी के खिलाफ ‘एक्शन मंथ’ (कार्रवाई माह) के रूप में मनाने के निर्देश के तहत की गई है। इस अभियान के तहत बाल मजदूरी की शिकायत वाले इलाकों में सघन छानबीन की जा रही है। बच्चों को रेस्क्यू करने के बाद अब दोषी प्रतिष्ठानों और मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही बच्चों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया भी जारी है।

​बच्चों की जगह फैक्ट्रियों में नहीं, स्कूल में है: आरती कुमारी

​इस सफल अभियान पर बात करते हुए प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी ने कहा:

​”आज इन बच्चों के शिक्षा, सुरक्षा और गरिमा के अधिकार की दोबारा बहाली हुई है। बाल श्रम बच्चों से उनका बचपन छीन लेता है। बच्चों की सही जगह फैक्ट्रियों या ढाबों में नहीं, बल्कि स्कूल में है। चूंकि बाल तस्करी (ट्रैफिकिंग) और बाल मजदूरी आपस में जुड़े हैं, इसलिए हम प्रशासन के साथ मिलकर आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रखेंगे और हर बच्चे का पुनर्वास सुनिश्चित करेंगे।”

​आपको बता दें कि प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर, देश के सबसे बड़े नागरिक समाज संगठन नेटवर्क ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ (JRC) का सहयोगी संगठन है। इस नेटवर्क के मजबूत खुफिया तंत्र के कारण ही अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच देश भर में 1.45 लाख से अधिक बच्चों को ट्रैफिकिंग और बाल श्रम से मुक्त कराया जा चुका है।

​इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन और जागरूकता अभियान के दौरान प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर के सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक कुमार, उमेश कुमार श्रीवास्तव, आशीष कुमार और गौतम कुमार सहित स्थानीय प्रशासन के कई अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

Khabare Abtak
Author: Khabare Abtak

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