चलती ट्रेन में महिला को लेवर पेन हुआ, रेल पुलिस द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया,
महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया
मोतिहारी।
मोतिहारी में रेल पुलिस ने एक सजगता और मानवता का मिशाल पेश किया है। जिनकी मानवीय पहल और कर्तव्यनिष्ठा की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां खाकी वर्दी ने अपनी संवेदनशीलता से जच्चा व बच्चा की एक नई जिंदगी को सुरक्षित दुनिया में लाने में अहम भूमिका निभाई। रेल पुलिस की मदद से महिला यात्री फूलजहां आलम की गोद में खुशियों की उम्मीद जगी। नवजात को गोद में लिए महिला और मौके पर मौजूद रेल पुलिस कर्मियों के चेहरे पर संतोष और मानवीय जिम्मेदारी निभाने की खुशी स्पष्ट झलक रही थी। यह मामला न केवल पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि मानवीय मूल्यों की मिसाल भी पेश करती है।
दरअसल, दिल्ली से मुजफ्फरपुर जा रही सप्तक्रांति एक्सप्रेस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सुगौली स्टेशन के पास विकलांग बोगी में सवार एक महिला यात्री फूलजहां उर्फ पिंकी को अचानक तेज लेबर पेन शुरू होने लगी। महिला की हालत बिगड़ती देख ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने तुरंत मोतिहारी जीआरपी को सूचना दी। जिसके बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। सूचना मिलते हीं बगैर देर किए बापूधाम मोतिहारी स्टेशन पर जीआरपी थाना प्रभारी संतोष कुमार एम्बुलेंस के साथ पहले से मौजूद रहे। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची, आनन-फानन में महिला पुलिस कर्मियों की सहायता से पीड़िता को सुरक्षित तरीके से ट्रेन से उतारा गया और तत्काल एम्बुलेंस से सदर अस्पताल भेजा गया। जहां सदर अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है। इस मानवीय कार्य के लिए रेल पुलिस की तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की हर ओर सराहना हो रही है।


