मोतिहारी। भी के गुप्ता
पूर्वी चंपारण जिले के सीमावर्ती शहर रक्सौल में देश का ऐसा एयरपोर्ट का नवनिर्माण किया जा रहा है, जिसका रनवे नदी के ऊपर बनेगा। इस एयरपोर्ट के नव निर्माण के लिए टेंडर निकाला गया है। जिसको लेकर स्थानीय लोगों का खुशी सातवें आसमान पर है। क्षेत्रीय सांसद डॉ संजय जायसवाल और रक्सौल विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने हवाई अड्डा के वर्तमान स्थिती का निरीक्षण किया। सासंद डॉ संजय जायसवाल ने उस नदी के आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। जहां पर रनवे का निर्माण किया जाना हैं। साथ ही, वर्तमान में रनवे की स्थित, जर्जर भवन और एयरपोर्ट के लिए उपलब्ध जमीन के बारे में रक्सौल प्रशासन से जानकारी लिया। मौके पर सुगौली के विधायक राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता, नरकटिया के विधायक विशाल कुमार, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप सर्राफ सहित अन्य मौजूद थे।
सांसद डॉ संजय जायसवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जमीन अधिग्रहण के 70% पूरा हो गया है। टेंडर निकाला गया है। अगले दो साल में रक्सौल एयपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा करना है। सबसे खुशी की बात है कि रक्सौल एयरपोर्ट का रनवे पटना के रनवे से भी बड़ा होगा। एयरपोर्ट निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां बोइंग विमान आसानी से लैंड कर सकते हैं।
बताया जाता है कि रनवे को 2,360 मीटर तक बढ़ाने की एक योजना है। जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹1,200 करोड़ है। इस विस्तार से न केवल एटीआर विमान, बल्कि लड़ाकू विमान भी इस रनवे पर आसानी से उतर सकेंगे। यह रक्सौल को देश के बाकी हिस्सों और दुनिया से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा। रणनीतिक दृष्टिकोण से रक्सौल सीमा अधिक सुरक्षित और सुदृढ़ हो जाएगी। रक्सौल नेपाल सीमा से सटा हुआ एक सीमावर्ती शहर है. इसलिए, यहां एक हवाई अड्डे का विकास रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


