मोतिहारी।
सुगौली प्रखंड के छपरा बहास में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर निजी जमीन और मकानों पर बुलडोजर चलाकर नुकसान पहुंचाया है। प्रभावित परिवारों ने इस कार्रवाई को प्रशासन की मनमानी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रभावित लोगों का कहना है कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही भूमि संबंधी दस्तावेजों की उचित जांच की गई। उनका आरोप है कि बिना सुनवाई और सत्यापन के बुलडोजर चलाकर उनके घरों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं।
इस घटना के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने एकत्र होकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, तथा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्रामीण मोहम्मद जौवाद, पूर्व मुखिया एजाजूल हक, लालबाबू अंसारी और अजहर महमूद ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।इस दौरान मोहम्मद जौवाद, शेख मंतजीर, अली हुसैन देवान, जंगाली मियां, शेख हासिम, अजहर महमूद, पंचायत समिति सदस्य छोटन राय, पूर्व मुखिया एजाजूल हक और लालबाबू अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


