मोतिहारी।
आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान तय सीमा में सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित सहयोग शिविर के आज दूसरे चरण में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूर्वी चंपारण जिला के 25 प्रखंडों के कुल 69 पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। माननीय मंत्री ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना जनसंपर्क विभाग सह प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार आज केसरिया प्रखंड के गोछी कुशहर पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में शिरकत किए, आमजन की समस्याओं को सुना और उनसे संवाद किए। उनके साथ शिविर में सांसद वाल्मीकिनगर श सुनील कुमार, विधायक केसरिया शालिनी मिश्रा,प्रभारी जिलाधिकारी सह उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार,निदेशक डीआरडीए श्री जयराम चौरसिया, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी सहित केसरिया प्रखंड के अन्य पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
इस अवसर पर मंत्री ने बड़ी संख्या में शिविर में आए हुए नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं आवश्यकताओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आज के आयोजित शिविर में माननीय प्रभारी मंत्री ने 80 जीविका समूह की दीदियों को बैंक सहायता ऋण के रूप में 05 करोड़ रुपए का सांकेतिक चेक प्रदान किया। यहां पर कुल 06 श्रमिकों को मनरेगा जॉब कार्ड प्रदान किया गया। आईसीडीएस के सौजन्य से सहयोग शिविर के दौरान गोद भराई एवं अन्नप्राशन का कार्य भी किया गया। इस पंचायत में कुल 422 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 385 का निष्पादन कर दिया गया था। बचे हुए 37 आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का माननीय मंत्री के द्वारा निर्देश दिया गया।
यहां पर माननीय मंत्री के द्वारा बताया गया कि सहयोग शिविर/सहयोग पोर्टल के माध्यम से जिला में कुल 13000 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 12000 से अधिक आवेदनो से संबंधित समस्याओं का निराकरण कर दिया गया है।
इस अवसर पर माननीय मंत्री महोदय ने उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि सहयोग शिविर का आयोजन राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिसमें आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही निराकरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव, प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना अध्यक्ष के स्तर की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। समस्या का निराकरण अगर इससे ऊपर के स्तर पर होना है तो उसके लिए आवेदन को जिला, प्रमंडल अथवा राज्य स्तर पर संबंधित विभाग को भेजा जा रहा है जहां से उसका निराकरण किया जा रहा है।


