अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार , महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार का दौरा; आंगनबाड़ी क्रेच , निर्माणाधीन ‘वन स्टॉप सेंटर’ एवं पर्यवेक्षण गृह की व्यवस्थाओं का निरीक्षण
मोतिहारी।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार नीतीश्वर कुमार पूर्वी चंपारण जिले का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने जिले में संचालित महिला एवं बाल कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का गहन मूल्यांकन करते हुए संबंधित आधारभूत संरचनाओं का स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के क्रम में अपर सचिव ने आंगनबाड़ी क्रेच-सह-पालना घर का निरीक्षण किया तथा इस पहल को अत्यंत सराहनीय एवं दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा विशेषकर असंगठित क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के लिए एक सशक्त संबल के रूप में उभर रही है।
इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं स्नेहपूर्ण परिवेश उपलब्ध कराया जा रहा है, जहाँ उनके समुचित पोषण, खेल-आधारित शिक्षण तथा प्रारंभिक देखभाल पर विशेष बल दिया जा रहा है। इससे कामकाजी माताओं को मानसिक संतोष एवं कार्य में एकाग्रता सुनिश्चित हो रही है।
अपर सचिव ने निर्माणाधीन ‘वन स्टॉप सेंटर’ भवन के निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने का निदेश दिया । उन्होंने संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी एवं अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शेष सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के मानकों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
अपर सचिव ने रेखांकित किया कि इस केंद्र के पूर्ण रूप से संचालित होने पर पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे कानूनी, चिकित्सीय तथा मनो-सामाजिक परामर्श सेवाएं उपलब्ध होंगी, अतः इसकी पूर्णता में विलंब कतई सहन नहीं किया जाएगा।
पर्यवेक्षण गृह के भ्रमण के दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं, प्रबंधन व्यवस्था तथा बच्चों के कल्याण हेतु संचालित कार्यक्रमों का विस्तृत निरीक्षण किया।
अपने दौरे के दौरान अपर सचिव ने आवासीय व्यवस्था, स्वच्छता, रसोईघर, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रेक्षण गृह में रह रहे बच्चों एवं वहां कार्यरत कर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं जीवन-स्तर के बारे में जानकारी प्राप्त की।दौरे के क्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने गीत प्रस्तुत किए तथा हारमोनियम वादन किया। अपर सचिव ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके आत्मविश्वास एवं प्रतिभा को प्रोत्साहित किया।
अपर सचिव ने कहा कि पर्यवेक्षण गृह में बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं बाल-मित्र वातावरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल विकास तथा पुनर्वास उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया।
प्रभावी मॉनिटरिंग पर विशेष बल देते हुए
दौरे के दौरान वरीय परामर्शी, महिला एवं बाल विकास निगम श्री सुमित सौरभ, जिला प्रशासन के वरीय उप समाहर्ता सुश्री निधि कुमारी, सहायक निदेशक बाल संरक्षण ईकाई श्री अक्षय कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक, जिला मिशन समन्वयक एवं विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अपर सचिव ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की सतत एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि इनका लाभ समाज के अंतिम छोर के हितधारकों तक समुचित रूप से पहुंच सके।


