मोतिहारी।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत जिले के सभी प्रखंडों में यक्ष्मा मरीजों की खोज को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। टीबी मुक्त पंचायत बनाने हेतु पंचायतों में ज्यादातर कैम्प आयोजित किया जा रहा है ताकि 2025 तक टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाया जा सके। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ संजीव ने बताया कि प्रत्येक प्रखंड से दो-दो पंचायतों क़ो चयनित कर उसे टीबी फ्री पंचायत बनना है। इसलिए पंचायतों में ही ज्यादातर कैम्पों का आयोजन किया जा रहा हैं और एक्टिव केस फाइंडिंग किया जा रहा है। जो भी टीबी सस्पेक्ट मिलते हैं, उनका बलगम भी संग्रह कर नेट टेस्टिंग के लिये भेजा जा रहा है। इसमें वर्ल्ड विज़न इंडिया एनटीईपी को पूरा समर्थन कर रही है। दूसरी तरफ वर्ल्ड विज़न की स्टेट लीड स्वाति सिन्हा और अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी डॉ राजीव रंजन ने कहा कि रक्सौल प्रखंड क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय धुपवा टोला पनटोका में मेगा एक्सप्रेस हेल्थ कैम्प का आयोजन हुआ जिसमें बी.पी, शुगर, लंबाई, वजन और टीबी के संदिग्ध मरीजों का स्क्रीनिंग अल्ट्रा पोर्टेबल डिजटल एक्सरे मशीन से किया गया।
110 लोगों की हुई स्क्रीनिंग, 46 संदिग्ध पाये गये
वर्ल्ड विज़न इंडिया के रंजन कुमार वर्मा ने बताया कि अल्ट्रा पोर्टेबल मशीन से दो मिनट के अंदर एआई द्वारा रिजल्ट पता चल जाता हैं। हेल्थ कैम्प में लगभग 110 लोगों की स्क्रीनिंग हुई जिसमें 46 टीबी के संदिग्ध रोगी पाये गये। इनका बलगम संग्रह कर नेट टेस्टिंग के लिए अनुमंडलीय अस्पताल रक्सौल भेजा गया है। टेस्ट रिपोर्ट आने पर टीबी का मेडिसिन शुरू किया जायेगा। हेल्थ कैम्प का निरक्षण डब्लूजेसीएफ के नेशनल टीम के द्वारा किया गया। नेशनल टीम से आए डॉ रवि के द्वारा कैम्प का पूरा ऑब्जर्वेशन किया गया। मौके पर वर्ल्ड विज़न की स्टेट लीड स्वाति सिन्हा, वर्ल्ड विज़न इंडिया के जिला पर्यवेक्षक रंजन कुमार वर्मा, दीपक कुमार, मनोज राम, सीएचओ कुमारी ज्योत्सना, रेडियोग्राफर मो. सैफ अली, कम्यूनिटी कोऑर्डिनेटर व अन्य लोग मौजूद थे।
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