मोतिहारी।
जन सुराज में शामिल होने के बाद पूर्व मंत्री रामचन्द्र सहनी अपने सुगौली.आवास पर प्रेसवार्ता करते हुए जन सुराज के नीतियों से अवगत कराया। पार्टी छोड़े जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विगत तीन वर्षों से प्रशांत किशोर के संपर्क में रहा। उनके विचार मुझे पसंद है। वे भ्रष्टाचार के विरुद्ध रहते है। जिससे मैं प्रभावित हुआ। इस लिए जन सुराज में शामिल हुआ।
उन्होंने अपनी पूर्व जीवन को बताते हुए कहा कि 1968 में शिक्षक बना। ,लगातार 35 वर्षों तक शिक्षण कार्य से जुड़ा रहा। 31 मार्च 2004 में सेवानिवृत्त हुआ। जहां भी रहा विद्यालय के व्यवस्था सुव्यवस्थित रहा। जिसके बाद 2005 के विधानसभा चुनाव में मुझे भाजपा ने टीकट दी। चुनाव लड़ा और जीता। प्रथम बार मंत्री रहा तीन बार विधायक रहा। जिस समय इमानदारी से काम किया। विते विधानसभा चुनाव में हार हो गई। विधायक नहीं रहते हुए भी लोक हित में काम किया। उन्होंने कहा कि मेरा विचार पीके से मिलता हे। राज्य और देश में विकास होगा। भ्रष्टाचार दूर रहेगा।
उन्होंने कहा कि जिस समय बीजेपी में आया सुगौली में पार्टी छोटा रहा। जिसके बाद बहुत बड़ा पार्टी बनाया। भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। घूटन महसूस कर रहा था। मैने मन बनाया। इसलिए जन सुराज में आया। जन सुराज के संगठन बढ़ाने के सवाल को टारते हुए उनके लोगों का मनोबल बढ़ाते थे। उतना हीं बहुत है। चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर जन सुराज ने जिम्मेवारी दी तो निर्वाहन करूंगा।


