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July 24, 2026 2:06 am

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बाल विवाह की आड़ में मानव तस्करी की बड़ी साज़िश नाकाम, राजस्थान के दूल्हे समेत 4 गिरफ्तार

मोतिहारी।

बिहार के पूर्वी चंपारण ज़िले के रक्सौल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के पवित्र मंडप की आड़ में चल रहे मानव तस्करी (Human Trafficking) के एक बड़े खेल का भंडाफोड़ हुआ है। रक्सौल में 14 साल की मासूम नाबालिग बच्ची को राजस्थान के 35 वर्षीय अधेड़ के हाथों ‘बेचने’ की साज़िश को सुरक्षा एजेंसियों और सामाजिक संस्थाओं ने ऐन वक्त पर नाकाम कर दिया है। पुलिस ने राजस्थान के रहने वाले दूल्हे सहित चार आरोपियों को दबोच लिया है।

​’प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर’ को गुप्त सूचना मिली थी कि राजस्थान के कुछ रसूखदार लोग रक्सौल की एक नाबालिग लड़की से चोरी-छिपे शादी रचाकर उसे तस्करी के ज़रिए ले जाने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। सर्किल ऑफिसर (रक्सौल), हरैया थाना, मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU), SSB 47वीं वाहिनी, स्वच्छ रक्सौल संस्था और न्याय नेटवर्क परियोजना ने तुरंत एक संयुक्त टीम बनाई और बताए गए ठिकाने पर आधी रात को छापेमारी कर दी। वहां का नज़ारा देख टीम दंग रह गई—शादी का मंडप पूरी तरह सज चुका था और रस्में शुरू होने ही वाली थीं।

सौतेली मां को मिला पैसों का लालच, रो पड़ी 14 साल की ‘पूजा’

​टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 14 वर्षीय नाबालिग लड़की (बदला हुआ नाम: पूजा कुमारी) को अपने संरक्षण में लिया। जब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बच्ची की काउंसलिंग की, तो उसने जो खुलासा किया वो रोंगटे खड़े कर देने वाला था।

मासूम ने रोते हुए बताया: “मेरी सौतेली मां और परिवार के लोग जबरन मेरी शादी करा रहे हैं। राजस्थान से आए लोग पिछले चार दिनों से शहर के एक प्राइवेट होटल में रुके हुए हैं। मेरी मां को मोटी रकम दी गई है और घर का सामान और गहने देने का लालच भी दिया गया है।”

​अंचलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस और SSB की संयुक्त टीम ने रक्सौल के एक प्राइवेट होटल के कमरा नंबर 209 में धावा बोला। वहां से पुलिस ने दूल्हे समेत चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। जांच के दौरान जब पुलिस ने 35 साल के राजस्थानी दूल्हे से उसकी होने वाली पत्नी (नाबालिग) और उसके माता-पिता का नाम पूछा, तो वह बगलें झांकने लगा। उसे अपनी ही दुल्हन का नाम तक नहीं पता था! पूछताछ में सामने आया कि ये चारों दोस्त राजस्थान से सिर्फ इस शादी को अंजाम देने आए थे और इनमें से एक शख्स इस पूरी डीलिंग का मास्टरमाइंड था।

​हरैया थाने के सब इंस्पेक्टर मिंटू कुमार के बयान पर चारों आरोपियों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 और मानव तस्करी (Human Trafficking) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। वहीं, स्थानीय मुखिया और सरपंच की मौजूदगी में नाबालिग के परिजनों से सख्त अंडरटेकिंग ली गई है और बच्ची को सुरक्षित बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है। इस बेहद संवेदनशील ऑपरेशन को हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान, सब इंस्पेक्टर मिंटू कुमार, प्रयास संस्था की जिला समन्वयक आरती कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता, अभिषेक कुमार, किरण वर्मा, और SSB व न्याय नेटवर्क की टीम ने मिलकर अंजाम दिया।

Khabare Abtak
Author: Khabare Abtak

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