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September 7, 2026 4:53 pm

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भक्ति भावना के साथ सुगौली में खप्पर पूजा का हुआ आयोजन, उमड़ा आस्था का सैलाब

मोतिहारी।

सुगौली नगर के वार्ड 10 स्थित माई स्थान माँ भगवति मंदिर के पूर्व ब्रह्मस्थान से पुजा आर्चना के पश्चात खप्पर माँ के पुजारी अनिल कुमार भक्ता द्धारा लेकर निकाला गया जो ब्रह्म स्थान से निकालकर विभिन्न गली मोहल्ले होते हुए मैं स्थान मंदिर पहुंच जहां सैकड़ो भक्तों ने जय भवानी के जय घोष के साथ खबर पूजा को आगे लेकर बढ़ते हुए भक्तजनयहा बता दे.कि प्रशासन के
चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर में सोमवार को भक्ति भावना के साथ खप्पर पूजा किया गया। पूजन के साथ डोली यात्रा भी निकला गया। जहां धर्म आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

पारम्परिक रूप से चली आ रही माँ भगवती की खप्पर पूजा मंदिर के भक्त अनिल कुमार के द्वारा पुरे विधि विधान पूर्वक सम्पन्न हुआ। खप्पर पूजा को देखते हुए माई स्थान भगवती मन्दिर और ब्रह्मस्थान के पास भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच कर ब्रह्म पूजा में शामिल हुए। सदियों से चली आ रही इस पूजा के मन्दिर में सम्पन्न किए जाने के बाद भक्तों की भारी भीड़ ब्रह्म स्थान से खप्पर लेकर पुनः माई स्थान मन्दिर ले जाकर रख दिया गया। जहाँ से सैकड़ो की जत्था जलते खप्पर को लेकर माई स्थान मन्दिर से थाना चौक से होते हुए पुनः मन्दिर में रख दिया गया। जिसके बाद माँ का डोला निकला। इस तरह दो स्थानों से खप्पर और डोला की यात्रा निकाली गई। जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नौवाडीह फुलवारी में रख दिया गया। जहां जाकर क्षमा याचना माँग कर पुन: वापस लौटे।

मौके सुरक्षा का व्यापक पैमाने पर बंदोबस्त किया गया था। यह खप्पर पूजा का आयोजन होता है। इस दिन पुरे उत्साह के साथ खप्पर और डोला पूजा किया जाता है। वहीं इस साल भी यह पूजा दुर्गा माता के मंदिर से डोला यात्रा निकाला गया। भक्त अनिल कुमार का कहना है की इस दिन जो लोग माता के दर्शन के लिए आते है उनका मनोकामना पूर्ण हो जाता है।मौके पर थानाध्यक्ष अनीश कुमार सिंह, पुलिस निरीक्षक मुन्ना कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल थे

स्थानीय भाजपा नेता प्रदीप सर्राफ, अशोक कुमार सोनी बताया कि बाहरी शक्ति से बचाव के लिए व जन मानस के उपर किसी प्रकार का आपदा विपदा न आवे इस लिए वर्षों से चली आ रही यह परंपरा को अपने कुल देवी देवताओं को आह्वान करते हुए पूजा अर्चना किया जाता है। यह सावन के अंतिम सप्ताह में सोमवार या सोमवार को यह पूजन होता है। जिसमें यहां के लोगों में खाश आस्था देखा जाता है।

Khabare Abtak
Author: Khabare Abtak

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