मोतिहारी।
कल्याणपुर के कैथवलिया गांव में बन रहे विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर में आगामी 17 जनवरी को विशाल शिवलिंग की स्थापना की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसको लेकर दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग पहुंच गया है। इसी कड़ी में पटना हनुमान मंदिर के सचिव शायण कुणाल ने मंदिर परिसर का निरीक्षण रीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों एवं समिति सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिवलिंग स्थापना के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
शिवलिंग स्थापना के लिए लगाए
जाने वाले क्रेन के आसपास बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि आमलोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा जा सके। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान वीआईपी, आम श्रद्धालु और मीडिया के लिए अलग-अलग पंडालों की व्यवस्था की जाएगी। पूजा के लिए विशेष मंडप तैयार किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 जनवरी की सुबह 8 से 10 बजे तक पूजा-अर्चना होगी, जबकि 10 से 12 बजे तक हवन संपन्न कराया जाएगा। इसके उपरांत शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। शिवलिंग स्थापना के बाद मानसरोवर, गंगोत्री, हरिद्वार एवं अन्य पवित्र नदियों का जल हेलीकॉप्टर के माध्यम से लाकर जलाभिषेक और पुष्पवर्षा की जाएगी।
17 जनवरी नरक निवारण चतुर्दशी का पावन दिन है और इसी तिथि को भगवान शिव के लिंग रूप में प्रकट होने की मान्यता है, इसीलिए इस तिथि को विशेष रूप से चुना गया है। इस भव्य आयोजन में बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रमुख साधु-संतों के साथ क्षेत्र के गणमान्य लोग भी शामिल होंगे। पंडित भवनाथ झा ने बताया कि पूजा और वैदिक अनुष्ठान कराने के लिए बनारस व पटना महावीर मंदिर के विद्वान वेदाचार्य और वैदिक ब्राह्मण उपस्थित रहेंगे। मंदिर निर्माण कार्य सन्टेक इंफ्रा सॉल्यूशन कंपनी करा रही है।
इधर, मंदिर परिसर में पहुंचे शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ रही है। लोग शिवलिंग पर जलाभिषेक कर रहे हैं। शिवलिंग की सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात है।


