मोतिहारी
चंपारण के लिए गौरव की बात है। मोतिहारी के सुगौली प्रखंड के पजिआरवा गांव के मूल निवासी एवं देश के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा को वॉशिंगटन डीसी स्थित विश्व बैंक मुख्यालय में भारत का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति को बिहार और चंपारण के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
नीलकंठ मिश्रा पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्षों तक इस महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन करेंगे। वे इस पद पर पूर्व आईएएस अधिकारी परमेश्वरन अय्यर का स्थान लेंगे। विश्व बैंक के बोर्ड में वे भारत के अलावा बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका सहित अपने निर्वाचन क्षेत्र के अन्य देशों का भी प्रतिनिधित्व करेंगे।
नीलकंठ मिश्रा देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट में गिने जाते हैं।
नीलकंठ मिश्र पजिअरवा गांव के निवासी प्रकाश चंद्र मिश्र के पुत्र हैं। उनकी शिक्षा बोकारो में हुई वहीं से उन्होंने आईआईटी की परीक्षा में उच्च स्थान के साथ क्वालीफाई किया। नीलकंठ मिश्रा के पिता बोकारो स्टील प्लांट में अधिकारी थे। जिसके कारण उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीपीएस बोकारो से हुई। वर्ष 1993 की आईआईटी-जेईई परीक्षा में उन्होंने देशभर में चौथा स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उन्होंने आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और वर्ष 1997 में डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल से सम्मानित हुए।
विश्व बैंक में नियुक्ति से पहले वे एक्सिस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री और एक्सिस कैपिटल में ग्लोबल रिसर्च प्रमुख के पद पर कार्यरत थे। इससे पूर्व उन्होंने करीब दो दशक तक वैश्विक वित्तीय संस्था क्रेडिट सुइस में एशिया पैसिफिक इक्विटी स्ट्रेटेजी के को-हेड के रूप में सेवाएं दीं।
नीलकंठ मिश्रा देश की आर्थिक नीतियों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। वे प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अंशकालिक सदस्य हैं। इसके अलावा वे यूआईडीएआई के अंशकालिक चेयरमैन रह चुके हैं तथा ट्राई, 15वें और 16वें वित्त आयोग तथा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन जैसी महत्वपूर्ण समितियों से भी जुड़े रहे हैं। विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक का पद वैश्विक आर्थिक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ग्रामीण परिवेश वाले पजिआरवा गांव से निकलकर वैश्विक स्तर के इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंचने की उनकी उपलब्धि ने चंपारण सहित पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है। उनकी नियुक्ति की खबर मिलते ही क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर व ग्रामीण अमितेश कुमार ने बताया कि विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक के तौर पर उनका चयन एक योग्य व्यक्ति का चयन है। इससे पहले भी उन्होंने आधार में और प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार के सदस्य के रूप में अपनी क्षमताएं साबित की है। उनकी उपलब्धि प्रेरणादायक है। नीलकंठ मिश्रा के चाचा नवल मिश्रा ने कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। उनकी सफलता गांव के बच्चों और युवाओं को बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने की प्रेरणा देगी।


